UPI MDR fee: 2,000 रुपये से अधिक की UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ नाराजगी दिखानी शुरू कर दी है। लुधियाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा है कि यदि यह शुल्क लागू किया जाता है तो पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से अधिक की खरीदारी के लिए UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे ग्राहकों को नकद भुगतान करने के लिए कहा जाएगा।
सुचना के लिये नोटिस लगाए जाएंगे
एसोसिएशन के अनुसार, यदि 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लागू किया जाता है तो 2,000 रुपये से अधिक का पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहकों से UPI के जरिए भुगतान नहीं लिया जाएगा। उन्हें नकद भुगतान करना होगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर (UPI MDR fee) बाकायदा सूचना संबंधी नोटिस भी लगाए जाएंगे।

बिक्री पर पहले से ही मुनाफा सीमित
लुधियाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक सचदेवा के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर होने वाले करीब 30 प्रतिशत लेन-देन UPI के माध्यम से होते हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर पहले से ही मुनाफा सीमित है। ऐसे में UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का भार पंप संचालकों के लिए उठाना मुश्किल होगा।
जीरकपुर में भी (UPI MDR fee) विरोध शुरू
यूपीआई पेमेंट में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क के विरोध की आवाज जीरकपुर में भी देखने को मिली। जीरकपुर के कई व्यापारियों ने इस प्रस्ताव को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे व्यापारियों की कमर तोड़ने वाला फैसला बताया है।
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कई व्यापारियों का दावा है कि उनके कारोबार में पहले ही मार्जिन काफी कम है। जीएसटी और अन्य खर्चों के चलते वे पहले से ही दबाव में हैं। ऐसे में यदि अतिरिक्त एमडीआर शुल्क लागू होता है तो इससे उनके कारोबार पर और अधिक आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान आज उनके कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर इसका असर पड़ने की आशंका है।
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हालांकि, सरकार की ओर से यह दावा किया गया है कि प्रस्तावित एमडीआर शुल्क का असर यूपीआई के करीब 96 प्रतिशत लेन-देन पर नहीं पड़ेगा, जबकि लगभग 4 प्रतिशत लेन-देन ही इसके दायरे में आएंगे। ऐसे में प्रस्तावित शुल्क को लेकर सरकार के दावे और व्यापारियों की (UPI MDR fee) चिंताओं के बीच बहस जारी है।

