Sign to God Show: सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या से दुखी होकर ‘साइन टू गॉड’ शो रद्द करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि झोटा उनके बेटे जैसा था और उसकी मौत से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। लोगों में फैले रोष को देखते हुए उन्होंने फिलहाल कार्यक्रम रद्द कर दिया और प्रशंसकों से माफी मांगी।
झोटा हत्याकांड के विरोध में पंजाबी फिल्मी कलाकार एकजुट
नशे के खिलाफ पंजाब में लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पूरे राज्य में लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। पंजाब में आम लोगों के साथ-साथ पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने भी इस हत्या को लेकर सवाल उठाए हैं।
पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ, नीरू बाजवा, रणजीत बावा और बब्बू मान समेत कई कलाकारों ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। किसी ने सोशल मीडिया के जरिए इंसाफ की मांग उठाई, तो किसी ने कार्यक्रम या फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने का फैसला लिया। पंजाबी फिल्म और संगीत जगत के कलाकारों ने झोटा के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई है। इसी क्रम में दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भी कनाडा के कैलगरी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को रद्द करने का ऐलान (Sign to God Show) किया है।
बलकौर सिंह ने झोटा सिंह का लेकर(Sign to God Show) क्या कहा
बलकौर सिंह ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा उनके बेटे जैसा था और उसकी हत्या से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने बताया कि झोटा की मौत के बाद लोगों में फैले आक्रोश को देखते हुए फिलहाल कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कनाडा के कैलगरी और अमेरिका में उनके कार्यक्रमों का इंतजार कर रहे प्रशंसकों से माफी मांगी। बलकौर सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके लिए मानसा और पंजाब सबसे पहले हैं।
झोटा की हत्या के बाद आप सरकार के खिलाफ नाराजगी
गौरतलब हो, परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। मानसा में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे राज्यव्यापी आंदोलन में बदल गया। झोटा के परिजनों और समर्थकों ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया और मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। वहीं, विपक्षी दलों ने भी कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में सरकार (Sign to God Show) की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
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15 अक्टूबर को हत्या के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान किया गया, जिसे किसान संगठनों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। इसके बाद इंसाफ कमेटी ने 19 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी के विधायकों के आवासों के घेराव का ऐलान किया। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य सरकार पर कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर(Sign to God Show) दबाव बढ़ा दिया है।
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