Drug-Free India by 2029: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्त भारत के लक्ष्य और 2029 तक देश को नशे के खिलाफ निर्णायक रूप से आगे ले जाने के आह्वान के बाद चंडीगढ़ प्रेस क्लब में केंद्र सरकार की ओर से ‘Vision Document on Drug Control (2026–2029)’ और ‘नशामुक्त भारत अभियान’ को लेकर मीडिया संवाद का आयोजन किया गया।
16 सितंबर 2026 को आयोजित इस वार्तालाप में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता राज कुमार और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर अमनजीत सिंह ने मीडिया को संबोधित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य 2026 से 2029 तक ड्रग्स के खिलाफ केंद्र सरकार की रणनीति और नशामुक्त भारत अभियान की रूपरेखा को लेकर जानकारी साझा करना था।
स्कूल कॉलेजों के आसपास सेफ जोन
केंद्र सरकार की योजना 2027 मार्च तक स्कूलों और कॉलेजों के आसपास के 500 मीटर के इलाके में एक सेफ जोन का निर्माण करना प्राथमिकता होगी। यानि सरकार इसे लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करने का काम कर रही है, जिससे स्कूल और कॉलेज परिसर को नशे से सुरक्षित रखा जा सके।
अमित शाह पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल, जानिए क्या है पूरा मामला
इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षण संस्थानों और समुदायों में बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की बात उक्त वार्तालाप में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा कही गई है।

3,400 किलो नशीले पदार्थों (Drug-Free India by 2029) की जब्ती
मीडिया को संबोधित करते हुए एक पीपीटी के माध्यम से नशे के खिलाफ केंद्र सरकार की अलग-अलग तस्करी नेटवर्क और सप्लाई चैन पर की गई कार्यवाई का उल्लेख किया गया जिसमें ऑपरेशन सागर मंथन के तहत करीब 3,400 किलो नशीले पदार्थों की जब्ती और 25 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी का आंकड़ा दिया गया।
Follow the Daily Awaz Bharti channel on WhatsApp
वहीं ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक में NCB ने मुंबई क्षेत्र से करीब 349 किलो हाई-ग्रेड कोकीन जब्त करने और एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने की जानकारी दी गई । ऑपरेशन रेजपिल में करीब 227.7 किलो कैप्टागन जब्त किया गया, जिसे NCB ने भारत में कैप्टागन की (Drug-Free India by 2029) पहली ऐसी जब्ती बताया गया।

सवालों में दिया गोल- मोल जवाब
जब हमने सरकार के प्रतिनिधियों से केंद्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में नशे को गंभीर समस्या मानने और भारत को नशामुक्त बनाने की बात को लेकर सवाल किया, तो सरकार के प्रतिनिधि ने बातचीत के दौरान गोल-मोल जवाब दिए। सरकार से सवाल था कि क्या मोदी सरकार को तीसरे कार्यकाल में यह याद आया कि भारत में नशा एक गंभीर समस्या है और इसलिए भारत को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है? क्या इससे पहले नशा भारत या मोदी सरकार के लिए गंभीर समस्या नहीं था?
इसके जवाब में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और गृह मंत्रालय के प्रवक्ता राज कुमार ने कहा, “मैं आपकी बात से सहमत नहीं हूं… सरकार का हमेशा से फोकस रहा है। हमने आंकड़े दिए हैं। सरकार लगातार काम कर रही है। मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। सरकार इसके लिए 2014 से काम कर रही है। हमने (Drug-Free India by 2029) पहले नक्सल-मुक्त भारत बनाया, अब नशामुक्त भारत की बारी है।”

