“गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार पर सियासी विवाद, मजीठिया ने सरकार से पूछे ये बड़े सवाल”
Gulzar Singh Funeral: गांव तूर बंजारा निवासी गुलजार सिंह की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अंतिम संस्कार के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती और परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर श्मशान घाट से बाहर किए जाने को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच करवाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान महिलाओं को भी कथित तौर पर श्मशान घाट से बाहर कर दिया गया।
मजीठिया ने सरकार से मांग की कि गुलजार सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी (Gulzar Singh Funeral) नौकरी और मृतक की बहन को विधवा पेंशन देने की मांग भी की।
पंजाब को पुलिस स्टेट बनाने का लगाया (Gulzar Singh Funeral) आरोप
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब को पुलिस स्टेट बनाया जा रहा है। उन्होंने गुलजार सिंह की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब मामला दर्ज हो चुका है तो गंभीर आरोपों में नाम सामने आने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हरपाल चीमा की सभा के बाद सामने आया था मामला
गुलजार सिंह का मामला उस समय चर्चा में आया था, जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की मौजूदगी में आयोजित एक सभा के दौरान उन्होंने इलाके में नशे की समस्या को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, गुलजार सिंह की मौत के कारणों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है।
अंतिम संस्कार की तस्वीरों को लेकर भी विवाद
गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार की सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर मजीठिया ने सरकार से सवाल किया कि एक मृतक को अंतिम विदाई देने के दौरान इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती क्यों की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है।
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गुलजार सिंह प्रकरण को नशे की समस्या से जोड़ते हुए मजीठिया ने कहा कि पंजाब में ऐसे कई परिवार हैं जो अपने बच्चों और परिजनों की नशे की लत से परेशान हैं। उन्होंने सरकार से नशे की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाने और नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों को समय रहते सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
मजीठिया का कहना है कि सरकार की सहायता किसी गंभीर घटना या मौत के बाद ही नहीं, बल्कि समस्या सामने आने के समय भी परिवारों तक पहुंचनी चाहिए।
जांच के नतीजे का इंतजार
फिलहाल गुलजार सिंह की मौत और उससे जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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ऐसे में इस मामले में राजनीतिक आरोपों और जांच से सामने आने वाले तथ्यों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण होगा। पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने (Gulzar Singh Funeral) आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो पाएगी।

