Punjab Bus Strike: पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी पूर्ण हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो विधानसभा सत्र के दौरान घेराव किया जाएगा।
अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी
यूनियन के सदस्यों द्वारा सीएम भगवंत मान के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की भी चेतावनी दी गई है। इससे पहले 15 अक्टूबर को यूनियन ने प्रदेश के सभी डिपो के गेटों पर रैलियां आयोजित कर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया था। वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है।
उनका आरोप है कि इस दौरान नई सरकारी बसों की खरीद भी नहीं की गई। इसके विपरीत, किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे सरकारी परिवहन व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है। यूनियन सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

मुख्य तीन मांगों को (Punjab Bus Strike) लेकर संघर्ष
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने बताया कि कर्मचारियों का संघर्ष मुख्य रूप से तीन मांगों को लेकर जारी है। इनमें ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने, विभिन्न आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने और पनबस में सर्विस रूल लागू कर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि यूनियन इन मांगों को पूरा करवाने के लिए संघर्ष कर रही है।
मार्को रुबियो का भारत दौरा मंगलवार से शुरू, ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा
3,000 से अधिक बसें सड़कों से नदारद
हड़ताल के चलते बुधवार सुबह से राज्य सरकार की 3,000 से अधिक बसों के सड़कों से नदारद रहने की संभावना जताई गई थी। यदि यूनियन का आंदोलन व्यापक रूप से प्रभावी रहता है, तो पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना (Punjab Bus Strike) करना पड़ सकता है।
Join Daily Awaz Bharti WA Official Channel Scan QR Code or Click Me

