Punjab Anti-Drone Team Constable:पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर नजर रखने के लिए बनाई गई एंटी-ड्रोन टीम का ही एक कांस्टेबल गिरफ्तार हुआ है। जानकारी के मुताबिक, BSF ने आरोपी को पकड़ा है और उसके पास से करीब 15 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
एंटी-ड्रोन टीम का (Punjab Anti-Drone Team Constable) सदस्य
सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन के माध्यम से गिराई जाने वाली नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप को रोकने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रोन टीम गठित की है। इस टीम की जिम्मेदारी संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखना और तस्करी की कोशिशों को नाकाम करना है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार कांस्टेबल भी इसी टीम में तैनात था।
आरोपी की पहचान करनबीर सिंह के रूप में हुई है। वह तरनतारन जिले के थाना सराय अमानत खां के अंतर्गत आने वाले गांव भूसे का निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, करनबीर सिंह नंबरदार रंजीत सिंह का बेटा है। इस मामले ने सीमा पार से होने वाली तस्करी पर निगरानी रखने (Punjab Anti-Drone Team Constable) वाली व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
100 करोड़ रुपए (Punjab Anti-Drone Team Constable) की हेरोइन
आरोपी पुलिसकर्मी के पास से 15 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में पंजाब पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, तरनतारन के SSP सुरिंदर लांबा ने कांस्टेबल की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस चौकी सुरसिंह में पूर्व में पदस्थ
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पुलिसकर्मी पहले तरनतारन जिले के थाना भिखीविंड के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी सुरसिंह में मुंशी के तौर पर तैनात था। करीब डेढ़ महीने पहले उसका तबादला एंटी ड्रोन पार्टी में कर दिया गया था। अब 15 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी और उसकी गिरफ्तारी (Punjab Anti-Drone Team Constable) के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
कैसे हुई (Punjab Anti-Drone Team Constable) गिरफ्तारी?
मिली जानकारी के अनुसार, BSF की 115वीं बटालियन को इनपुट मिला था कि ड्रोन के जरिए मंगवाई गई हेरोइन की एक बड़ी खेप को संबंधित कांस्टेबल ठिकाने लगाने की कोशिश में है। सूचना के आधार पर BSF की टीम ने थाना सराय अमानत खां के अंतर्गत गांव लहियां के पास पुल ड्रेन के नजदीक नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध कांस्टेबल को प्लास्टिक के बैग के साथ पकड़ लिया गया।
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एनसीबी जांच शुरू
मामले की जांच के दौरान BSF ने प्लास्टिक के बैग से हेरोइन के 15 पैकेट बरामद किए, जिनका कुल वजन 15 किलोग्राम पाया गया। बरामद नशीले पदार्थ को जब्त करने के बाद BSF और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, मामले की जांच के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम भी मौके पर पहुंची और हिरासत में लिए गए कांस्टेबल से पूछताछ शुरू कर दी है। सुरक्षा बलों (Punjab Anti-Drone Team Constable) ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।
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कैसे जीतेगा पंजाब ‘युद्ध नशे विरुद्ध’?
पंजाब में एक ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के जरिए प्रदेश को नशामुक्त बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर एंटी-ड्रोन यूनिट में तैनात पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल की 15 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तारी ने सरकारी व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह उर्फ झोटा की मानसा में गोली मारकर हत्या किए जाने से भी सरकार की नशा विरोधी मुहिम और ऐसे कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।इन घटनाओं ने विपक्षी दलों को भगवंत मान सरकार को घेरने का एक और मुद्दा दे दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नशे के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालने वाले तंत्र पर ही सवाल उठ रहे हों और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग भी सुरक्षित न हों, तो पंजाब ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ की जंग (Punjab Anti-Drone Team Constable) कैसे जीतेगा?

