Blue Drum Murder Case:मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। पति की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने के मामले में दोनों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला दिया। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
अपराध की गंभीरता के हिसाब (Blue Drum Murder Case) से सजा
अदालत ने मुस्कान रस्तोगी पर 50 हजार रुपये और साहिल पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसले के दौरान कोर्ट ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध करने वाले को उसके कृत्य के अनुरूप सजा देना भी धर्म का हिस्सा है। अदालत ने अपराध की गंभीरता के अनुसार दंड दिए (Blue Drum Murder Case) जाने की बात कही।
13 महीने की लंबी सुनवाई(Blue Drum Murder Case) के बाद निर्णय
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया था। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया था और सजा पर निर्णय के लिए 14 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी।
इस मामले की सुनवाई जुलाई 2025 में शुरू हुई थी। करीब 13 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत में 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी सुनवाई और बहस के बाद अब मामले में सजा का फैसला सामने (Blue Drum Murder Case) आया है।
परिवार की मांग (Blue Drum Murder Case) फांसी
मृतक सौरभ राजपूत के परिजनों ने अदालत से मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को कड़ी से कड़ी सजा देते हुए फांसी देने की मांग की थी। सौरभ के भाई राहुल ने कहा कि परिवार को शुरुआत से ही न्याय मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि परिजनों की लगातार यही मांग रही है कि उनके भाई के साथ जिस तरह का अपराध हुआ, उसके लिए आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
भारत में “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” सजा
भारत में फांसी की सजा यानी मृत्युदंड किसी अपराध के लिए दिया जाने वाला सबसे कठोर कानूनी दंड है। भारतीय कानून के तहत यह सजा केवल असाधारण मामलों में दी जाती है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी ‘विरलतम से विरल’ श्रेणी में रखा है। अदालत को यह तय करना होता है कि अपराध की गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उम्रकैद जैसी (Blue Drum Murder Case) सजा पर्याप्त नहीं होगी।
नीला ड्रम’ हत्याकांड में आज फैसला, मुस्कान और साहिल पर कोर्ट सुनाएगा निर्णय
हालांकि, निचली अदालत द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद इसे लागू करने से पहले हाई कोर्ट की पुष्टि जरूरी होती है। इसके बाद भी दोषी को सुप्रीम कोर्ट में अपील, पुनर्विचार याचिका और निर्धारित परिस्थितियों में दया याचिका जैसे कानूनी विकल्प मिल (Blue Drum Murder Case) सकते हैं।
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