Ludhiana Gurdwara Stone Pelting Case: पंजाब के लुधियाना स्थित आलमगीर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पातशाही दसवीं के लंगर हॉल पर कथित पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी या AI से तैयार की गई तस्वीरों और वीडियो पर भरोसा न करने की अपील की है।
लंगर हॉल पर पत्थर फेंकने का आरोप
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना 5 अक्टूबर को हुई। गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि लंगर छकने आए एक व्यक्ति को सेवादार ने रोका था। प्रबंधन के अनुसार, वह व्यक्ति नशे की हालत में दिखाई दे रहा था। आरोप है कि कुछ समय बाद वह अन्य लोगों के साथ वापस आया और लंगर हॉल की ओर पत्थर फेंके। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। शिकायत के बाद पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ FIR की है।
(BNS) की धारा 298 के तहत (Ludhiana Gurdwara Stone Pelting Case) FIR दर्ज
पुलिस ने शुरुआत में डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद 8 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत FIR दर्ज की गई।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के हवाले से बताया गया कि आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और गुरुद्वारे के (Ludhiana Gurdwara Stone Pelting Case) आसपास रहते थे।
एडवोकेट हरजिंदर( Ludhiana Gurdwara Stone Pelting Case) सिंह धामी ने चिंता जताई
घटना को लेकर SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने चिंता जताते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। धामी ने गुरुद्वारा परिसर की पवित्रता, लंगर सेवा और संगत की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

AI से तैयार सामग्री को लेकर दी चेतावनी
मामले को लेकर SGPC ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट तस्वीरों, वीडियो और AI से बनाई या बदली गई सामग्री को बिना जांचे साझा न करें। कमेटी के अनुसार, ऐसी सामग्री गलत जानकारी फैलाने और सामाजिक तनाव बढ़ाने का कारण बन सकती है।
SGPC ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। धार्मिक नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से उचित कदम उठाने को कहा है।
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भाईचारे और अगाध आस्था का केंद्र
गुरुद्वारा साहिब सिख समुदाय के लिए केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सेवा, आपसी भाईचारे और अगाध आस्था का केंद्र भी है। गुरु के लंगर की यह महान परंपरा पूरी इंसानियत को बिना किसी भेदभाव के निष्काम सेवा और समानता का संदेश देती है। इसलिए गुरुद्वारा परिसर की किसी भी इमारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात है। ऐसे में धार्मिक (Ludhiana Gurdwara Stone Pelting Case) नेताओं ने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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