PU Protest: चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया के विरोध में मार्च निकाला। विश्वविद्यालय परिसर से सेक्टर-17 तक निकाले गए इस मार्च में अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
SIR के विरोध में सड़कों (PU Protest) पर उतरे छात्र संगठन
छात्रों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
यह मार्च पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेंटर से शुरू हुआ। इसके बाद छात्र सेक्टर-17 की ओर बढ़े, जहां पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय स्थित है। प्रदर्शन (PU Protest) के दौरान छात्रों ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग भी उठाई।
पुलिस से हुई (PU Protest) धक्का-मुक्की
सेक्टर-17 में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने दो छात्रों को हिरासत में लिया था, जिन्हें अधिकारियों से बातचीत के बाद करीब 10 मिनट में रिहा कर दिया गया।
कई छात्र संगठनों (PU Protest) ने लिया हिस्सा
प्रदर्शन में पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (ललकार), NSUI, AISA, दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन और स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी सहित कई छात्र संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
SIR में विवाद

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग इसका इस्तेमाल मतदाता सूची की जांच और सुधार के लिए करता है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल रखना और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। यह प्रक्रिया नई नहीं है; चुनाव आयोग पहले भी मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण करता रहा है।
हालांकि, मौजूदा SIR प्रक्रिया को लेकर कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने सवाल उठाए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने भी इसी मुद्दे पर विरोध जताया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, अब तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से इन आरोपों की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत सार्वजनिक रूप से पेश किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
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हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए थे। मुलाकात के बाद (PU Protest) राहुल गांधी ने बताया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा था।
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