National Institute of Ayurveda Panchkula: नगर निगम पंचकूला की संयुक्त आयुक्त (ज्वाइंट कमिश्नर) एचसीएस सिमरजीत कौर ने कहा कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवनशैली का अभिन्न अंग है और स्वच्छता तथा आयुर्वेद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वस्थ जीवनशैली के लिए स्वच्छता जरूरी है, उसी तरह रोगों के उपचार के लिए आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वह राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थीं। समारोह में एनआईए जयपुर के पीजी डीन प्रोफेसर गोपेश मंगल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, जबकि संस्थान के डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विद्यार्थियों ने हवन में आहुतियां डालीं

समारोह में पहुंचने पर डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने मुख्यातिथि सिमरजीत कौर का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इससे पहले संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर संस्थान परिसर में हवन और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। संस्थान के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने मंत्रोच्चारण के बीच हवन में आहुतियां डालीं।
अंतरराष्ट्रीय (National Institute of Ayurveda Panchkula)आयुर्वेद दिवस

सिमरजीत कौर ने कहा कि आयुर्वेद में स्वस्थ जीवनशैली की परिकल्पना की गई है और यह स्वच्छता के बिना पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नगर निगम पंचकूला की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि आमजन स्वच्छता से जुड़े और अपने घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र तथा समाज को भी स्वच्छ रखने में योगदान दें।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर गोपेश मंगल ने कहा कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है, उसी तर्ज पर भविष्य में आयुर्वेद दिवस को भी अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एनआईए आने वाले समय में उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आयुर्वेद के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के प्रति लोगों का भरोसा
संस्थान के डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने कहा कि एआई के दौर में इनोवेशन, तकनीक और आधुनिक सर्जरी जैसी चिकित्सा पद्धतियों के बीच भारतीय प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के प्रति लोगों का भरोसा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोग के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी की मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक स्थिति का आकलन करते हुए उसके समग्र उपचार पर जोर देता है।
Follow the Daily Awaz Bharti channel on WhatsApp
उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खान-पान, तनाव, अनिद्रा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। आयुर्वेद में संपूर्ण जीवनशैली का दर्शन है, जिसका मूल सिद्धांत रोग होने से पहले उसे रोकने पर आधारित है। इसमें आहार-विहार से लेकर संतुलित खान-पान और दिनचर्या तक का उल्लेख किया गया है।
आयुर्वेद और योग की विरासत

प्रोफेसर पमनानी ने आयुर्वेद के विद्यार्थियों का आह्वान किया कि भारतीय गौरवशाली चिकित्सा पद्धति की आधुनिकता और प्रमाणिकता को भविष्य में साबित करने की जिम्मेदारी उनकी है। इसके लिए शोध, औषधियों का मानकीकरण और तकनीकी सैद्धांतिकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान और साधना की विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि आधुनिकता के दौर में आयुर्वेद की प्रासंगिकता मजबूत हुई है और लोगों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और योग की विरासत हमें उपहार में मिली है और इसे आगे बढ़ाने के लिए युवा पीढ़ी को इसकी वैज्ञानिक प्रमाणिकता को साबित करना होगा।
विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने स्वागत उद्बोधन के दौरान संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में एनआईए पंचकूला आयुर्वेद शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
आयुर्वेद दिवस आयोजन समिति के सदस्य सचिव एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद ने आयोजन के दौरान हुई गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह के सफल आयोजन पर प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनआईए आयुर्वेद चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रहा है।
हलाल मीट को लेकर निहंग सिखों का विरोध, मामले ने पकड़ा तूल
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मैत्री एचएस और चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीन्षा पी ने किया। समारोह के दौरान क्विज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वहीं, विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ योग क्रियाओं का प्रदर्शन भी किया।

