Umar Khalid Rajat Sood: उमर खालिद और रजत सूद एक बार फिर चर्चा में हैं। दोनों के नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर सर्च किए जा रहे हैं, लेकिन वजह दोनों की अलग-अलग है। एक व्यक्ति 30 सितंबर को कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर चर्चा में है, तो वहीं दूसरा अपने हालिया विवाद को लेकर लोगों के जहन में घूम रहा है।
कोर्ट में खालिद की पेशी
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद से जुड़े 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी। उमर खालिद पर UAPA समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस ने उन पर दंगों के पीछे कथित साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। इसी मामले में उन्हें सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल (Umar Khalid Rajat Sood) उनकी जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
डॉक्यूमेंट्री विवाद भी (Umar Khalid Rajat Sood) चर्चा में
उमर खालिद की गिरफ्तारी और हिरासत के पूरे घटनाक्रम से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया गया है। जिसे देश के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में कथित तौर पर उमर खालिद के समर्थकों द्वारा स्क्रीनिंग करवाए जाने की बातें सामने आई थीं, जिसे लेकर जमकर विवाद हुआ। फिल्म प्रमाणन बोर्ड CBFC ने बिना सर्टिफिकेशन के फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर प्रश्न (Umar Khalid Rajat Sood) खड़े किए थे।
रजत सूद के कार्यक्रम में विवाद
वहीं दूसरी ओर रजत सूद के अहमदाबाद कार्यक्रम के दौरान विवाद की बातें सामने आईं। रजत का कार्यक्रम अहमदाबाद की Nirma University में चल रहा था, जहां शो के बाद एक प्रोफेसर और छात्र के बीच विवाद हुआ। वायरल वीडियो में प्रोफेसर छात्र को कॉलर से पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को रजत सूद से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन रजत सूद ने इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए अपना नाम जोड़े जाने को लेकर सवाल उठाए।
रजत ने कहा कि उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई और वे इस विवाद में शामिल नहीं थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर प्रतिक्रिया भी दी।
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मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति
रजत सूद ने पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। समिति को अपनी रिपोर्ट करीब 7 दिन में देने को कहा गया है। विश्वविद्यालय के मुताबिक, संबंधित प्रोफेसर और छात्र एक-दूसरे से माफी मांग चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने औपचारिक जांच (Umar Khalid Rajat Sood)जारी रखी है।
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