Kelung Health Research Centre: हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के केलांग में उच्च पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध के लिए नया अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 12 अक्टूबर को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उच्च पर्वतीय आयुर्विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी। इस केंद्र में कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और बदलती जलवायु का मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव वैज्ञानिक तरीके से समझने पर काम होगा।
इस अनुसंधान केंद्र का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान तलाशना है। इसके लिए ICMR, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं और एम्स बिलासपुर मिलकर काम (Kelung Health Research Centre) करेंगे।
कम ऑक्सीजन और ठंड के स्वास्थ्य पर असर का होगा अध्ययन
आधारशिला समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक और जलवायु संबंधी परिस्थितियां देश के अन्य हिस्सों से अलग हैं। यहां कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और बदलते मौसम का लोगों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है, इसका व्यवस्थित वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान से इन परिस्थितियों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान करने, उपयुक्त चिकित्सा उपाय विकसित करने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इससे दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
नड्डा ने इस पहल में ICMR, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और एम्स बिलासपुर के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ICMR के योगदान और टीका (Kelung Health Research Centre) विकास में उसकी भूमिका की भी सराहना की।
सैनिकों और स्थानीय लोगों (Kelung Health Research Centre) को मिलेगा लाभ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सशस्त्र बलों के अनुभव और ICMR की वैज्ञानिक विशेषज्ञता को मिलाकर प्रभावी चिकित्सा समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से ऊंचाई का मानव शरीर पर पड़ने वाला प्रभाव समझने, स्वास्थ्य समस्याओं की जल्द पहचान करने और उपचार संबंधी प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद मिलेगी।
पंजाब फार्मासिस्ट भर्ती पेपर लीक पर CJP से सवाल, जवाब में कहा- यह बड़ा मुद्दा नहीं!
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह केंद्र हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश और दुनिया के अन्य हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने इसे दुर्गम (Kelung Health Research Centre) हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य से लेकर AI तक पर होगा शोध
प्रस्तावित केंद्र में उच्च पर्वतीय परिस्थितियों के प्रति शरीर के अनुकूलन, ऊंचाई से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य, बच्चों की वृद्धि और पोषण तथा हिमालयी समुदायों में रोगों के स्वरूप का अध्ययन किया जाएगा।
इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए ड्रोन से दवाओं की आपूर्ति, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी शोध होगा। इन तकनीकों से दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के नए तरीके तलाशे जा सकते हैं।
ICMR के महानिदेशक और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल ने कहा कि इस केंद्र में प्रयोगशाला आधारित शोध को स्थानीय समुदायों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य केवल शोध पत्र प्रकाशित करना नहीं, बल्कि अनुसंधान के जरिए लोगों के स्वास्थ्य (Kelung Health Research Centre) में वास्तविक सुधार लाना है।
पहले से संचालित फील्ड स्टेशन के आधार पर बनेगा केंद्र
ICMR ने करीब एक दशक पहले केलांग में एक फील्ड स्टेशन स्थापित किया था। इसी के आधार पर अब स्थायी अनुसंधान केंद्र विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाएं और विशेषज्ञ मानव संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि सालभर अनुसंधान गतिविधियां संचालित की जा सकें।
Join Daily Awaz Bharti WA Official Channel Scan QR Code or Click Me

केंद्र से प्राप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों का उपयोग हिमाचल प्रदेश के अलावा लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सहित अन्य हिमालयी एवं (Kelung Health Research Centre) सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान नड्डा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ‘ग्रीन ICMR कैंपस पहल’ के तहत स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और केंद्र की वेबसाइट, संस्थागत वीडियो तथा स्मारक डाक आवरण का भी शुभारंभ किया। समारोह में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों, स्थानीय (Kelung Health Research Centre) प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया।

