SAD BJP Alliance: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गठबंधन के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के लिए पंजाब और पंजाब के लोगों के हित सबसे ऊपर हैं। पार्टी गठबंधन को लेकर कोई भी फैसला इन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लेगी।
एक मीडिया कार्यक्रम में आया बयान
सुखबीर बादल ने यह बात हाल ही में एक मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा के दौरान कही। उनके इस बयान को पंजाब की आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने किसी संभावित सहयोगी दल का नाम स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि अकाली दल आने वाले समय में गठबंधन को लेकर क्या रुख अपनाता ( SAD BJP Alliance ) है।
आप- कांग्रेस से गठबंधन नहीं
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने गठबंधन को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि पंजाब के हितों के लिए काम करने का साझा एजेंडा रखने वाले और शिअद की विचारधारा से सहमत दलों के साथ गठबंधन पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं, लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन नहीं होगा। सुखबीर बादल ने कांग्रेस पर सिखों के खिलाफ दंगों में शामिल होने का आरोप लगाया और AAP को पंजाब की मौजूदा सत्ताधारी पार्टी बताते हुए उससे दूरी बनाए रखने की बात कही।
जालंधर रैली में शाह की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस
इसके साथ ही 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के दौरान भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संभावित गठबंधन को लेकर सस्पेंस बना रहा। शाह ने अपने भाषण में नशे के मुद्दे पर जोर देते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को निशाने पर लिया, लेकिन अकाली दल या बादल परिवार का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया। गठबंधन के सवाल पर भी उन्होंने चुप्पी बनाए रखी। ऐसे में एक ओर सुखबीर बादल का गठबंधन के दरवाजे खुले रखने वाला बयान और दूसरी ओर जालंधर रैली में शाह का अकाली दल पर हमला न करना, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के रिश्तों को लेकर अटकलों को हवा दे रहा है।

मजीठिया का बयान (SAD BJP Alliance )भी चर्चाओं में
एक निजी मीडिया कार्यक्रम में शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भाजपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा लंबे समय तक साथ रहे हैं। दोनों दलों के वोट प्रतिशत को जोड़कर देखा जाए तो वे मजबूत स्थिति में नजर आते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
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मजीठिया ने पंजाब के हितों, हिंदू-सिख भाईचारे और राज्य में स्थिरता को गठबंधन की चर्चा से जोड़ते हुए कहा कि अकाली दल के लिए पंजाब पहले है।
ऐसे में एक ओर जालंधर की रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अकाली दल के साथ गठबंधन पर स्पष्ट बयान न देना और दूसरी ओर अकाली नेताओं का भाजपा के प्रति सकारात्मक रुख, दोनों दलों के रिश्तों को लेकर अटकलों को हवा दे रहा है। हालांकि, फिलहाल दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं (SAD BJP Alliance) आया है।
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