Sangrur Jagseer Singh Case: नमोल गांव के करीब 35 वर्षीय जगसीर सिंह उर्फ जग्गा द्वारा कथित तौर पर नशे के मुद्दे को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगलने की घटना के बाद एक बार फिर पंजाब में नशे को लेकर सियासत तेज हो गई है और विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, नमोल गांव के रहने वाले जगसीर सिंह ने कथित तौर पर गांव में नशे की बिक्री को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए थे। इसके साथ ही उसने इस मामले को लेकर शिकायत भी की थी। आरोप है कि शिकायत करने के बाद जगसीर पर इस मामले को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।
जगसीर मानसिक रूप से परेशान
जगसीर सिंह के दोस्तों ने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने और मामले को सोशल मीडिया पर उठाने के बाद उसके घर में तोड़फोड़ की गई और उसके साथ मारपीट भी की गई। दोस्तों का दावा है कि लगातार दबाव और कथित तौर पर कार्रवाई न होने के चलते जगसीर मानसिक रूप से परेशान था।
इसके बाद जगसीर सिंह डीसी कार्यालय पहुंचा, जहां उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। घटना के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए पटियाला रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
विपक्षी पार्टियों ने (Sangrur Jagseer Singh Case) सरकार को घेरा
उक्त घटना के वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के नेताओं ने आप सरकार की जमकर आलोचान की हैं। अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया ने घटना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगरूर में मोहंजीत शेरों ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई, गुलजार ने जहरीला पदार्थ निगला और अब जगसीर द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगलने का मामला सामने आया है। सरकार नशे पर लगाम लगाने में विफल रही है और कथित तौर पर नशा तस्करों को संरक्षण दे रही है।
वहीं, कांग्रेस पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने एक्स पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि, “पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ किस तरह का दबाव और दुर्व्यवहार किया जा रहा है, संगरूर की यह घटना साफ दिखा रही है।
” उन्होंने कहा कि अगर नशे के खिलाफ आवाज उठाने (Sangrur Jagseer Singh Case) वाला व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो किस बदलाव की बात हो रही है?
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संगरूर में नशा माफिया का राज
भाजपा ने भी इस मामले में आप सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के जिले संगरूर में नशा माफिया का राज चल रहा है। एक्स के माध्यम से राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि, “इसी गुंडागर्दी, इसी नशा माफिया और इसे संरक्षण देने वाली आपकी सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतरी है।
इसीलिए भाजपा ने ‘नशा-विरोधी यात्रा’ शुरू की है, ताकि पंजाब के हर गांव, हर मोहल्ले से इस नशा माफिया को उखाड़ फेंका जा सके। मान साहब, आज जग्गा सिंह की हालत के जिम्मेदार आप हैं। अगर आप नशे और माफिया को नहीं रोक सकते, तो आपको कुर्सी पर बने रहने का कोई (Sangrur Jagseer Singh Case)अधिकार नहीं है। अब पंजाब चुप नहीं बैठेगा।”
आप की ओर से प्रतिक्रिया नहीं

इस पूरे विवाद में अब तक आप के किसी नेता का अधिकारिक बयान सामने नहींं आया है लेकिन पुलिस ने कहा है कि युवक का इलाज चल रहा है और उसके बयान के बाद आगे की जानकारी सामने आएगी। गुलजार सिंह मामले पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 17 सितंबर को प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर उन्हें फंसाने की साजिश का आरोप लगाया था।
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उन्होंने कहा था कि उनके पास आरोपों के जवाब में सबूत हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उन्हें सार्वजनिक नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने BJP के नशा-विरोधी अभियान पर सवाल उठाते (Sangrur Jagseer Singh Case) हुए केंद्र और BSF की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए थे।

