- हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग अंदर मौजूद थे
Delhi Building Collapse दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 2 स्टूडेंट्स की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी।
बिल्डिंग में हॉस्टल चलता था। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 9 का रेस्क्यू कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे।
Delhi Building Collapse

बिल्डिंग के मालिक का नाम आनंद बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मलबे में दबे एक युवक ने अपना वीडियो बनाकर शेयर किया। उसने लोगों से रेस्क्यू की अपील की। घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया कि यह युवक उसका दोस्त है। वह बार-बार फोन करके कह रहा है कि मुझे बचा लो।
घटना दोपहर 1:30 बजे की है। स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गई हैं।
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई छात्र आवास हैं और आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं। इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं
साल 2022 से 2025 तक यानी 3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने के 1133 मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं में 98 लोगों की मौत हुई है।
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर उठाए सवाल
राहुल गांधी: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
अरविंद केजरीवाल: मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए। दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा।
10 साल में अवैध निर्माण के 76 हजार से ज्यादा मामले Delhi Building Collapse
दिल्ली में 2015 से 17 मार्च 2025 के बीच MCD के 12 जोन में 76,465 अवैध निर्माण के मामले दर्ज हुए। इनमें सिर्फ 35,842 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान 11,903 संपत्तियां सील की गईं, लेकिन सिर्फ 683 को दोबारा खोला गया। सील तोड़ने पर FIR दर्ज करने का प्रावधान है। यह जानकारी दिल्ली विधानसभा में AAP विधायक जरनैल सिंह के सवाल के जवाब में दी गई। हालांकि, MCD अधिकारियों का कहना है कि हर शिकायत सही नहीं होती।
बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 लोग रहते थे। यानी इमारत में लगभग 50 लोग रहते थे।

प्रियंका, जो पिछले 20-22 सालों से इस इलाके में रह रही हैं, ने समाचार एजेंसी को बताया कि इलाके में अब पांच या छह मंज़िला इमारतें तेज़ी से बन रही हैं। उन्होंने कहा कि कई घरों को लड़कों के PG में बदल दिया गया है; मकान मालिक कहीं और चले गए हैं, लेकिन ऑनलाइन किराए पर घर देते रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मालिक बस प्रॉपर्टी को PG का नाम दे देते हैं, डिजिटल तरीके से किराया वसूलते हैं और बिना किसी देखरेख के उन्हें चलने के लिए छोड़ देते हैं।
जो PG गिरा है, वह 20 साल से ज़्यादा पुराना है और इतने सालों में मैंने कभी कोई मरम्मत का काम होते नहीं देखा। पूरा सत्य निकेतन PG से भरा पड़ा है और मुश्किल से 30 प्रतिशत मकान मालिक ही असल में यहां रहते हैं,” उन्होंने कहा।
“यहां तक कि नालियां और सीवर भी खुले हुए हैं। इमारत के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे। बारिश हो रही थी, इसलिए ज़्यादातर छात्र अपने कमरों में थे, जबकि कुछ वीकेंड होने के कारण घर गए हुए थे,” प्रियंका ने आगे कहा।
इलाके के एक और निवासी ने कहा कि यहां की इमारतें काफी पुरानी हैं और ऐसी सभी प्रॉपर्टी की स्ट्रक्चरल जांच (ढांचे की मज़बूती की जांच) होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि रिहायशी इलाके में बेसमेंट वाली पांच मंज़िला इमारतें बन गई हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी इमारतों के निर्माण की इजाज़त दी जानी चाहिए थी।


