Punjab Farmers Protest: पंजाब के लिए 13 तारीख और 13 मांगों वाली किसान संगठन और मान सरकार की बैठक पर सबकी नजरें रहने वाली हैं। क्या सरकार किसानों की मांग को स्वीकारते हुए राज्य के किसानों को राहत देती हैं कि मांगों को न मानें कि स्थिती में राज्य में एक बड़ा किसान आंदोलन शुरू होता है।
सीएम के गृह जिले में प्रदर्शन
बता दें, मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में 5-6 अक्टूबर को किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में संगरूर जिला प्रशासनिक परिसर (DC Complex) के तीनों गेटों पर धरना देकर अधिकारियों और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया। इससे DC कार्यालय, सुविधा केंद्र, फर्द केंद्र, तहसीलदार कार्यालय समेत कई सरकारी कार्यालयों का काम प्रभावित हुआ। इस प्रदर्शन को देखते हुए 6 अक्टूबर को सरकार ने किसानों को 13 अक्टूबर को बैठक की लिखित पेशकश की थी, जिसके बाद घेराव समाप्त कर दिया गया।
बैठक में कौन होगा शामिल?
13 तारीख को होने वाली बैठक में राज्य सरकार की तरफ से वित्त मंत्री हरपाल चीमा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। उक्त बैठक चंडीगढ़ के पंजाब भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार विस्तार से चर्चा करेगी।
किसानों की क्या (Punjab Farmers Protest) हैं मांग?
किसान की ड्रोन निगरानी बंद करने सहित विभिन्न 13 सूत्रीय मांगों को सरकार से पूरा करवाने के लिए प्रयासरत हैं, जिसमें अमेरिका भारत ट्रेड डील में दुग्ध उत्पादन और कृषि क्षेत्र को अलग रखने के अलावा किसानों के ऊपर पराली संबंधित केसों को वापिस लेने की बात कही गई हैं। इन बातों के अलावा
- लंबे समय से जमीन जोत रहे किसानों/काश्तकारों को मालिकाना हक।
- किसानों और खेत मजदूरों का कर्ज माफ करना।
- पंजाब की Land Pooling Policy वापस लेना।
- किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को ₹10 लाख मुआवजा और रोजगार।
- सभी फसलों पर कानूनी MSP की गारंटी।
चार केंद्रीय श्रम कानूनों को वापस लेना।
Electricity Amendment Bill और Seed Bill को वापस लेना।
MGNREGA की जगह आए VB-G RAM G कानून को वापस लेने की मांग।
बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान का मुआवजा।
खेत मजदूरों, काश्तकारों और लंबे समय से बसे लोगों को जमीन के अधिकार समेत अन्य राहत।
पराली के प्रबंधन और (Punjab Farmers Protest) निपटारे व्यवस्था
किसान संगठन ने हाल में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से की जा रही ड्रोन निगरानी का विरोध किया है। किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा है कि खेतों में ड्रोन से निगरानी करने के बजाय सरकार को पहले पराली के प्रबंधन और निपटारे की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए।
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बता दें, पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट समय-समय पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को जरूरी कार्रवाई और निगरानी के निर्देश देता रहा है। इसी के तहत पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से अलग-अलग निगरानी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें ड्रोन निगरानी भी शामिल है।
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इस निगरानी के दौरान नियमों के उल्लंघन के आरोप में कई किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं और उन पर जुर्माना भी लगाया गया है। ऐसे में किसान संगठन अब ड्रोन निगरानी का विरोध करते हुए सरकार से पराली के प्रबंधन और उसके उचित निपटारे की व्यवस्था को (Punjab Farmers Protest) मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

