Amanajot Kaur Ramuwalia leveled allegations against the Bhagwant Mann government in Punjab.
मोहाली, 25 अक्टूबर 2026: भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य बीबी अमनजोत कौर रामूवालिया ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, यह स्थिति सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है।
Amanajot Kaur Ramuwalia
Amanajot Kaur Ramuwalia ने कहा कि 21 और 22 अक्टूबर को पंजाब भर में कर्मचारियों द्वारा सामूहिक छुट्टी का विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पता चला है कि इन प्रदर्शनों में करीब तीन लाख कर्मचारी शामिल हुए. इसके साथ ही पंजाब रोडवेज और पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल के कारण भी कई जगहों पर बस सेवाएं प्रभावित हुईं.

Amanajot Kaur Ramuwalia ने कहा कि पंजाब सरकार के मंत्रियों ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर जो आश्वासन दिया है, उसका असली आकलन घोषणाओं से नहीं, बल्कि लिये गये फैसलों और उनके कार्यान्वयन से होगा. महंगाई भत्ते का बकाया, पुरानी पेंशन योजना, पेंशनभोगियों की मांगें, बंद किए गए 37 भत्तों की बहाली और संविदा कर्मचारियों को पक्का करने जैसे मुद्दों पर असंतोष है तो सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि इनका समाधान कब होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस विफलता का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है. सामूहिक अवकाश के कारण उपायुक्त कार्यालयों, तहसीलों, नगर निगमों और अन्य सरकारी कार्यालयों में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। लुधियाना में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियों का काम भी बंद हो गया और जरूरी काम निपटाने के लिए दफ्तर पहुंचे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पंजाब रोडवेज और पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ.
सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
Amanajot Kaur Ramuwalia ने कहा कि भगवंत मान सरकार एक तरफ लोगों को सुविधाएं देने का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ कर्मचारियों की लंबित मांगों के कारण सरकारी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जब लोगों को अपने जरूरी काम के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, रजिस्ट्रेशन न हो और परिवहन में दिक्कत हो तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि बार-बार आश्वासन देकर कर्मचारियों की मांगों का समाधान न करना और फिर हालात ऐसे बनने देना कि आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़े, भगवंत मान सरकार के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पंजाब के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि जब सरकार ने कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को हल करने का वादा किया था तो वे वादे पूरे क्यों नहीं किये गये।


