Gurudwara Bangla Sahib Row: बंगला साहब गुरूद्वारा में दंगे जैसे आरोपों में जेल में बंद आरोपियों की रिहाई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पोस्टर बैनर लहराने के बाद जमकर हंगामा मचा है। दिल्ली सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत की है।
क्या है पूरा मामला?
राजधानी दिल्ली में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कथित तौर पर युवाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले सोशल मीडिया पेज कॉकरोच जनता पार्टी के आवाह्वान पर जंतर-मंतर में 10 अक्टूबर को प्रोटेस्ट शुरू हुआ था। इस प्रोटेस्ट को पुलिस की ओर से अनुमति प्राप्त नहीं थी लेकिन फिर भी इसके आयोजकों ने प्रोटेस्ट करने की बात कही थी।
प्रोटेस्ट के आयोजकों को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल में पहुंचने से पहले डिटेन कर लिया था लेकिन प्रोटेस्ट के कुछ समर्थकों के द्वारा जंतर-मंतर में सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए जा रहे थे जिन्हें पुलिस ने वही कानून का पालन न करने बिना अनुमति के धरना-प्रर्दशन के आरोपों में डिटेन किया।
राजनीति के लिए गुरुद्वारा (Gurudwara Bangla Sahib Row) परिसर का उपयोग

इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर के नजदीक मौजूद बंगला साहिब गुरुद्वारा परिसर का उपयोग अपने राजनीतिक विचारों के लिए किया। वहां बिना किसी झंडे-बैनर के साथ परिसर के अंदर पहुंचे कुछ देर बाद अपने बेग से पोस्टर, झंडे, पेम्पेलट को निकालकर प्रदर्शन शुरू कर दिया उक्त सभी आरोप दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह के ओर से दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत दी गई है।
आम आदमी पार्टी के ऊपर राजनीति करने का आरोप
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह ने घटना को लेकर साफ तौर पर आम आदमी पार्टी के नेताओं और अरविंद केजरीवाल के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीतिक फायदे के लिए आम आदमी पार्टी ने बंगला साहिब परिसर का उपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल और उनके साथियों ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में राजनीतिक नारेबाजी कर मौहाल बिगाड़ने की कोशिश की और भ्रामक वीडियो प्रसारित क गुरुद्वारा साहिब व उसके प्रबंधन की छवि खराब की।

गुरुवाणी के बीच (Gurudwara Bangla Sahib Row) नारे
गुरुद्वारा सभी शरणार्थियों को जगह देने का स्थान है जहां बिना किसी जाति-धर्म पंथ के लोगों को शरण दी जाती है लेकिन शरणार्थियों के भेष में यदि कोई राजनीतिक फायदे के लिए प्रर्दशन या विरोध के लिए गुरुघर का उपयोग करे तो यहां बेहद ही निंदनीय है। गुरुवाणी के बीच नारे लगाने से गुरुघर और गुरुमर्यादा का अपमान होता है।
चुनिंदा वीडियो वायरल कर गुरुद्वारा प्रबंधन पर आरोप लगाने का दावा
डीएसजीएमसी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के बाद आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों और नेताओं ने चुनिंदा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिनके जरिए पूरे मामले को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई। कमेटी के अनुसार, गुरुद्वारा प्रबंधन और सेवादारों ने स्थिति को शांत करने तथा परिसर में शांति बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया था। डीएसजीएमसी ने घटना से जुड़े वीडियो पुलिस को सौंपते हुए उनमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई (Gurudwara Bangla Sahib Row) करने की मांग की है।
पंजाब विधानसभा सत्र: बेअदबी कानून, किसानों की मांगें और नदी जल विवाद पर रहेगी नजर
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अरविंद केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से इस मामले में सामने आए दावों का समर्थन किया। डीएसजीएमसी का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए वीडियो और अन्य तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
Join Daily Awaz Bharti WA Official Channel Scan QR Code or Click Me

